दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को रेलवे में ज़मीन के बदले नौकरी देने के आरोपों से जुड़े एक मामले में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव समेत 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए। 10 अक्टूबर 2022 को CBI ने इस मामले में 16 लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। आरोपियों की लिस्ट में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और कई अन्य लोग शामिल हैं। इस मामले के 98 आरोपियों में से कोर्ट ने 52 लोगों को केस से बरी कर दिया है। इनमें रेलवे के कर्मचारी भी शामिल हैं। 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। कोर्ट ने लालू की पत्नी राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के आरोप तय किए हैं। इस दिन राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगन ने कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने एक क्रिमिनल गैंग की तरह काम किया है। CBI की चार्जशीट से पता चलता है कि लालू ने साजिश में मदद की। 2004 से 2009 तक लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहने के दौरान जमीन के बदले रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर नियुक्ति के आरोप लगे थे। सीबीआई इस घटना की जांच कर रही है।
ज़मीन के बदले नौकरी मामले में लालू समेत 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय