दूसरे राज्यों के नेता 43 संगठनात्मक जिलों के प्रमुख हैं

दो दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक वोकल टॉनिक दिया था। गुरुवार को BJP के ऑल इंडिया प्रेसिडेंट जेपी नड्डा ने राज्य के सभी ऑर्गेनाइज़ेशनल ज़िलों के प्रेसिडेंट के साथ मीटिंग की। उस मीटिंग में साफ़ कहा गया कि तृणमूल को हराने के लिए बूथ की ताकत बढ़ानी होगी। इसके साथ ही यह भी तय हुआ है कि दूसरे राज्यों के 43 नेताओं को BJP के 43 ऑर्गेनाइज़ेशनल ज़िलों का इंचार्ज बनाया जाएगा। हमें राज्य में बदलाव लाने की पूरी कोशिश करनी होगी, नड्डा ने साल्ट लेक में BJP हेडक्वार्टर से सभी ज़िला प्रेसिडेंट को यह निर्देश दिया। BJP सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की टॉप लीडरशिप भी BJP शासित राज्यों के नेताओं का इस्तेमाल ऑर्गेनाइज़ेशन को मज़बूत करने के लिए करने की कोशिश कर रही है। इसीलिए दूसरे राज्यों के 43 मिनिस्टीरियल या सीनियर नेताओं को एक-एक ऑर्गेनाइज़ेशनल ज़िले की ज़िम्मेदारी दी जा रही है। 26 तारीख़ के चुनाव के लिए BJP के सेंट्रल ऑब्ज़र्वर सुनील बंसल के साथ भूपेंद्र यादव और बिप्लब देब को राज्य में लाया गया है। हालांकि, राज्य लीडरशिप पर पूरी तरह ‘भरोसा’ किए बिना, दूसरे राज्यों के 43 और नेताओं को बंगाल में ज़िम्मेदारी दी जा रही है। BJP के एक बड़े नेता के मुताबिक, ‘इन नेताओं को BJP शासित राज्यों में विपक्ष को हराने का अनुभव है। हो सकता है कि यह फ़ैसला उसी अनुभव और स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करने के लिए लिया गया हो।’ शाह की ही तरह नड्डा ने भी मीटिंग में कहा कि देश की सुरक्षा पक्की करने के लिए BJP का राज्य में सत्ता में आना ज़रूरी है। मीटिंग में घुसपैठ का मुद्दा भी उठा। BJP के ऑल इंडिया प्रेसिडेंट ने कहा कि SIR को सपोर्ट करके बंगाल में रूलिंग पार्टी पर घुसपैठ के मुद्दे पर हमला तेज़ करना होगा।

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