आखिरकार, 12 साल का इंतज़ार खत्म करते हुए, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंगासागर ब्रिज का शिलान्यास किया। यह पुल मुरीगंगा नदी पर बनेगा और काकद्वीप को सागरद्वीप से जोड़ेगा। यह 4-लेन का पुल करीब 16.70 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। इससे तीर्थयात्रियों और टूरिस्टों को आसानी होगी, जो पहले फेरी सर्विस पर निर्भर थे। इसे पूरी तरह से राज्य सरकार अपने पैसे से बना रही है।
शिलान्यास: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने (5 जनवरी, 2026) को गंगासागर ब्रिज का नींव का पत्थर रखा।
जगह: यह ब्रिज मुरीगंगा नदी पर बनेगा, जो काकद्वीप और सागरद्वीप को जोड़ेगा।
बजट और साइज़: इस 4-लेन ब्रिज की कुल लंबाई 4.75 km है, जिसकी लागत लगभग Tk 1670 करोड़ है, जिसमें से 3 km नदी पर होगा।
फायदे: इससे सागरद्वीप की यात्रा बहुत आसान और तेज़ हो जाएगी, जिससे गंगासागर मेले के तीर्थयात्रियों, टूरिस्ट और स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव आएगा।
फाइनेंसिंग: पश्चिम बंगाल सरकार इस ब्रिज को पूरी तरह से अपनी फंडिंग से बना रही है, बिना केंद्र सरकार पर निर्भर हुए।
प्रोजेक्ट का महत्व: कई सालों के इंतज़ार के बाद इस ब्रिज का बनना, जो मुख्य रूप से फेरी सर्विस पर निर्भर था, सागरद्वीप के कम्युनिकेशन सिस्टम में एक बड़ा बदलाव लाएगा।