तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर कथित हमले और बीजेपी-टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। इस पूरे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंचीं। यहां उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “मेरे सीने पर बुलडोजर चला दो, देखते हैं कितनी हिम्मत है।” अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के बीजेपी और टीएमसी समर्थकों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। घटना के दौरान पत्थरबाजी और मारपीट के भी आरोप लगे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर बीजेपी और टीएमसी समर्थकों के बीच कथित तौर पर विवाद हुआ। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। घटना को लेकर मारपीट और हमले के आरोप भी सामने आए। इसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनके आवास को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ समय से उनके घर और कार्यालय की रेकी की जा रही थी। अभिषेक ने इस घटना को अपनी जान लेने की सातवीं कोशिश करार दिया। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। घटना की जानकारी मिलने के बाद ममता बनर्जी खुद अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंचीं। उनके बुलडोजर वाले बयान को बीजेपी के खिलाफ सीधी राजनीतिक चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम ने राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी टीएमसी के बीच टकराव को और तेज कर दिया है। वहीं, बीजेपी ने अभिषेक बनर्जी के हमले संबंधी आरोपों को खारिज किया है। पार्टी नेताओं ने टीएमसी पर राजनीतिक माहौल बनाने और जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है। दोनों दलों के बीच बयानबाजी जारी है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।