उत्तराखंड के चमोली ज़िले में शुक्रवार को बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा लौट रहा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. जिला प्रशासन के मुताबिक हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार पांच यात्रियों और पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई. दुर्घटना जोशीमठ के पास हाथी पहाड़ और चाई गांव के ऊपर उच्च हिमालयी क्षेत्र में हुई. पायलट हिमांशु सभरवाल दिल्ली के रहने वाले थे, हेलीकॉप्टर में सवा पांचों यात्री कर्नाटक के थे. ज़िला आपदा प्रबंधन अधिकारी की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक़, सेना की 9 इंडिपेंडेंट माउंटेन ब्रिगेड की टीम दोपहर क़रीब साढ़े तीन बजे घटनास्थल पर पहुंची. टीम ने हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि की. हादसे में हेलीकॉप्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. यह हेलीकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन का था. ज़िला आपदा प्रबंधन अधिकारी की रिपोर्ट के मुताबिक़, हेलीकॉप्टर ने दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर बद्रीनाथ से उड़ान भरी थी और क़रीब दो बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ. उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) के मुताबिक़, जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया था. उसके ट्रैकिंग सिस्टम से भी उसकी लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा था. इसके बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया. चमोली के अपर ज़िलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया, ” बद्रीनाथ से सहस्रधारा के लिए लौट रहा एक हेलीकॉप्टर रास्ते में हाथी पहाड़ और चाई गांव के पास उच्च हिमालयी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस दुखद हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार पांच यात्रियों और एक पायलट, यानी कुल छह लोगों की मृत्यु हो गई है.” अपर ज़िलाधिकारी के मुताबिक़, सभी शवों का पता लगा लिया गया है और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गया है. शवों को वहां से निकालकर जोशीमठ लाया जाएगा, जहां अगले दिन पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा. हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान पायलट हिमांशु सभरवाल और यात्रियों की पहचान अरुण सालुंके, एचएस नटराज, प्रतापा बाचिहल्ली निगराजन, सुधीर के और शंकर गौड़ा वीबी के रूप में हुई है. ज़िला प्रशासन की रिपोर्ट में यात्रियों का संबंध कर्नाटक से बताया गया है. हादसे के बाद भारतीय सेना, ज़िला प्रशासन, पुलिस, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव अभियान में जुटीं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख जताया है. मुख्यमंत्री ने दुर्घटना के कारणों और सभी पहलुओं की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं. यूसीएडीए ने एहतियात के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानों पर रोक लगा दी है. हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है. पांचों यात्रियों में से एक बेंगलुरु पुलिस के एक इंस्पेक्टर अरुण सोलंकी शामिल थे. उन्हें एक अच्छा पुलिस अधिकारी माना जाता था. अरुण सालुंके मूल रूप से कर्नाटक के बेलगावी ज़िले के रहने वाले थे. वह अपने चार दोस्तों के साथ बद्रीनाथ घूमने गए थे. उनके साथ गए दो दोस्त वकील थे. अरुण सालुंके बेंगलुरु सिटी पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) में तैनात थे. शुक्रवार को हुई यह घटना क्षेत्र में भारी बारिश के बीच हुई. मौसम विभाग ने इस इलाके के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, जिसमें गरज-चमक के साथ बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी. जून 2025 में केदारनाथ के पास श्रद्धालुओं को ले जा रहा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी. इससे पहले अक्तूबर 2022 में इसी तीर्थयात्रा मार्ग पर हुए एक अन्य हेलीकॉप्टर हादसे में भी सात लोगों की जान चली गई थी. 2025 की तीर्थयात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की कई अन्य घटनाएं भी सामने आई थीं. इसके बाद विमानन अधिकारियों ने सुरक्षा जांच सख्त कर दी थी और कुछ हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन पर प्रतिबंध भी लगाया था.
