पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी में बुजुर्ग भाई-बहन के साथ कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बीमार पूर्व रेलकर्मी विश्वनाथ चक्रवर्ती और उनकी बहन शिखा चक्रवर्ती की देखभाल के लिए रखी गई महिला केयरटेकर ने उनके बैंक खाते से करीब 1 करोड़ रुपए की रकम निकाल ली। इसके अलावा शिखा चक्रवर्ती के सोने के आभूषण भी कथित तौर पर गायब कर दिए गए। शिकायत मिलने के बाद नैहाटी थाना पुलिस ने महिला केयरटेकर बर्णाली मृधा और उसके पति शंभू मृधा को गिरफ्तार किया है। दोनों को बैरकपुर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजे जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब बैंक खातों, एटीएम निकासी, चेक और ऑनलाइन लेन-देन की जांच कर रही है। नैहाटी नगरपालिका के 27 नंबर वार्ड स्थित रेलवे क्वार्टर में पूर्व रेलकर्मी विश्वनाथ चक्रवर्ती अपनी बहन शिखा चक्रवर्ती के साथ रहते हैं। उम्र और बीमारी के कारण दोनों के लिए नियमित रूप से घर से बाहर निकलना मुश्किल था। बताया जा रहा है कि करीब चार साल पहले कांचरापाड़ा के बाबू ब्लॉक इलाके की रहने वाली बर्णाली मृधा को दोनों ने देखभाल के लिए नियुक्त किया था। लंबे समय तक साथ रहने के कारण बुजुर्ग भाई-बहनों का उस पर भरोसा बढ़ गया।आरोप है कि इसी भरोसे के चलते विश्वनाथ चक्रवर्ती ने घरेलू खर्च और जरूरी बैंकिंग कामों के लिए बर्णाली को एटीएम कार्ड, पिन, पासबुक और हस्ताक्षर किए हुए चेक उपलब्ध कराए थे। पुलिस शिकायत के अनुसार, बर्णाली ने कथित तौर पर अपने पति शंभू मृधा के साथ मिलकर बैंक से जुड़ी इन सुविधाओं का दुरुपयोग किया। आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग लेन-देन के जरिए विश्वनाथ चक्रवर्ती के खाते से करीब 1 करोड़ रुपए निकाल लिए गए या दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिखा चक्रवर्ती के घर में रखे सोने के आभूषण भी केयरटेकर के कब्जे में चले गए और बाद में उन्हें बेचने या गिरवी रखने की आशंका है। मामला तब सामने आया, जब परिवार के एक रिश्तेदार ने बुजुर्ग भाई-बहन के आर्थिक हालात की जानकारी लेने के लिए बैंक खाते की स्थिति की जांच की। कथित तौर पर लंबे समय से जमा पेंशन और अन्य बचत की रकम में भारी कमी का पता चला। इसके बाद जब प्रणाली से पैसों का हिसाब मांगा गया, तो कथित तौर पर उसने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। शिकायत मिलने के बाद नैहाटी थाना पुलिस ने कथित धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और चोरी समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने बर्णाली मृधा और उसके पति शंभू मृधा को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पुलिस पिछले करीब चार वर्षों के बैंक रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसमें एटीएम से निकाली गई रकम, हस्ताक्षरित चेक से हुए भुगतान, ऑनलाइन ट्रांसफर और रकम जिन खातों में गई, उन सभी लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर गायब किए गए सोने के आभूषण कहां हैं और रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया। फिलहाल बरामदगी और बैंक ट्रेल की जांच को मामले का अहम हिस्सा माना जा रहा है। घटना ने अकेले या बीमारी की वजह से दूसरों पर निर्भर वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। खासकर घरेलू सहायकों और केयरटेकर को बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम और पिन सौंपने से जुड़े जोखिम एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की आगे की कार्यवाही से होगी।
