हरगोबिंद और चंदन दास की हत्या के लिए आठ महीने में सजा का ऐलान। जंगीपुर उपजिला कोर्ट के जज ने मुर्शिदाबाद के शमसेरगंज के हरगोबिंद दास और उनके बेटे चंदन दास की हत्या के मामले में 13 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जज ने उम्रकैद के अलावा मृतक के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। हालांकि, मृतक का परिवार फैसले से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की है। इस साल 12 अप्रैल को शमसेरगंज में हरगोबिंद दास और उनके बेटे चंदन दास की हत्या कर दी गई थी। कोर्ट ने उस मामले में कल यानी सोमवार को 13 लोगों को दोषी ठहराया था। मंगलवार को सजा का ऐलान किया गया। आज जंगीपुर उपजिला कोर्ट में फैसले के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। गौरतलब है कि इस साल अप्रैल में वक्फ मुद्दे पर हुए बवाल के कारण शमसेरगंज गरमा गया था। गरमी की आग रघुनाथगंज थाने से फैली थी। बाद में इसकी लपटें शमसेरगंज तक फैल गईं। पूरे इलाके में अशांति फैल गई। उसी माहौल में जाफराबाद गांव में हरगोबिंद दास और उनके बेटे चंदन दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बदमाशों ने घर में घुसकर पिता-पुत्र को चाकू मारकर हत्या कर दी। घर में लूटपाट की गई। पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी। घटना के तुरंत बाद शमसेरगंज थाने की पुलिस ने जांच शुरू की। मामले की अहमियत और संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। SIT ने जांच की और घटना में शामिल लोगों को एक-एक करके गिरफ्तार किया और कोर्ट में चार्जशीट पेश की। गिरफ्तार लोगों में शामिल थे- दिलदार नदाब, असमाउल नदाब उर्फ कालू, इंजामुल हक उर्फ बबलू, जियाउल हक, फेकरुल शेख उर्फ मोहक, अजफारुल शेख उर्फ बिलाई, मोनिरुल शेख उर्फ मोनी, एकबाल शेख, नूरुल इस्लाम, सबा करीम, हजरत शेख, अकबर अली और यूसुफ शेख। इस मामले की सुनवाई जंगीपुर कोर्ट में काफी समय से चल रही थी। दोनों पक्षों की गवाही, सबूतों और दलीलों की जांच के बाद कोर्ट ने 13 आरोपियों को दोषी पाया। मंगलवार को फैसले के मौके पर इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए एक्स्ट्रा पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरे शमसेरगंज इलाके में कड़ी नजर रख रहा है। सेंट्रल फोर्स भी मौजूद है। इस बीच, फैसला सुनाए जाने से पहले जब गिरफ्तार लोगों को कोर्ट ले जाया गया, तो उन्होंने दावा किया कि वे बेगुनाह हैं। उन्हें फंसाया गया है।
वक्फ बोर्ड की अशांति के दौरान शमशेरगंज में पिता-पुत्र की हत्या के लिए 13 लोगों को आजीवन कारावास की सजा